जो तू सीने में दफ़ना ले मुझको
तो तुझपे मरने को भी तैयार हूँ
आशिक़ी की हर एक हद से
गुज़रने को भी मैं तैयार हूँ ...
ज़माने के डर से नाम लेना छोड़ दूँ
ये तो मेरी आशिक़ी की तोहीन होगी
अगर तेरी भी इजाज़त न हो तो
मैं यकतरफ़ा इश्क़ करने को तैयार हूँ...
मोहब्बत की क़ीमत क्या चुकानी है
इन बातों से डराना बंद करो मुझे
तुम शायद भूल गए मुझको
मैं महँगी चीज़ो का ही ख़रीददार हूँ...
By -Shaan E Azam Dehelvi
#shaan_e_shayari

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