Thursday, 31 December 2020
New year Shayari by Shayar Shaane Azam Dehelvi
Wednesday, 18 November 2020
Shayar Shaan-e-azam Dehelvi
ये जो ख़ूबसूरत सा सपना उसके साथ
बिना उससे पूछे सजा बैठा हूँ
ए खुदा ! मोहब्बत उसको भी है या फिर
मैं एकतरफा दिल लगा बैठा हूँ
Wednesday, 21 October 2020
Shayari by Shaan-E-Azam Dehelvi
जो दुश्मन थे कभी मेरे
अब दुश्मनी यूँ निभाते है
हमदर्द बन कर मेरे
मेरा हाल पूछ जाते है
अब हाल नहीं पूछते
जो मेरा ख़्याल करते है
मैं भुला दूँ तुझको बस
यहीं सवाल करते है
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Tuesday, 13 October 2020
Khud bikhar kar unko sanwara hai humne by Shaan-E-Shayari ,Shaane Azam Dehelvi
ख़ुद बिखर कर उनको संवारा है हमने
जीती हुई बाज़ियो को भी हारा है हमने
वक़्त ग़वाह है तारीखों से पूछलो
फ़रिश्ते ख़ामोश है तो ख़ुदा से पूछलो
मेरी ज़िद्द के आगे टिक पाता
इतनी रक़ीब की औकात न थी
मैं झुका था अपनी मोहब्बत की ख़ातिर
मोहब्बत ग़वाह है ,मेरे महबूब से पूछलो
उसके क़ुबूल बोल देने से निकाह हो जाता है
तो मुझे उसने तुमसे पहले क़ुबूल कर लिया था
ये सेहरा उतार दो तुम्हारा निक़ाह जायज़ नहीं
यक़ीन नहीं है जाओ किसी क़ाज़ी से पूछलो
महज़ हासिल कर लेना ही मोहब्बत होती
तो रांझे ,मजनू को ज़माना याद न करता
मोहब्बत सच्ची हो तो दर्द लाज़मी है
इस बात का इल्म नहीं तो शायरो से पूछलो
ख़ुशक़िस्मत हो जो समझते नहीं कलाम मेरा
होना पड़ता है बर्बाद मायने जानने के लिए
थोड़ी क़ोशिश तो करो अल्फाज़ो को समझने की
समझ न आये तो किसी बर्बाद आशिक़ से पूछलो
By Shaan E Azam Dehelvi Ansari
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Friday, 9 October 2020
Shayari By Shaan-E-Azam Dehelvi
जो तू सीने में दफ़ना ले मुझको
तो तुझपे मरने को भी तैयार हूँ
आशिक़ी की हर एक हद से
गुज़रने को भी मैं तैयार हूँ ...
ज़माने के डर से नाम लेना छोड़ दूँ
ये तो मेरी आशिक़ी की तोहीन होगी
अगर तेरी भी इजाज़त न हो तो
मैं यकतरफ़ा इश्क़ करने को तैयार हूँ...
मोहब्बत की क़ीमत क्या चुकानी है
इन बातों से डराना बंद करो मुझे
तुम शायद भूल गए मुझको
मैं महँगी चीज़ो का ही ख़रीददार हूँ...
By -Shaan E Azam Dehelvi
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Monday, 28 September 2020
Shaan-E-Shayari by Shaan-E-Azam
इल्म सीखना हो तो किसी
आलिम को उस्ताद बना लेना
ग़र शौक शायरी का हो तो किसी
बेवफ़ा से दिल लगा लेना
अंग्रेजी काफ़ी है इज़्हार-ए-इश्क़ में
जज़्बातो को बयां करने के लिए
मगर दर्दे हिज्र को बयां करना हो तो
उर्दू के अल्फाज़ो को सहारा बना लेना
By -Shaan-E-Azam Dehelvi
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